गर्मियों में स्वस्थ ठंडक बनाए रखने के उपाय

 

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आज के दिन रोजाना गर्मी बढ़ती ही जा रही है। बढ़ती गर्मी की वजह से कईं शरीरिक बिमारियाँ, समस्या होने लगती है। कईं तोह कुछ time में उष्माघात की वजह से कोई इंसान की जान भी गयी है। तोह इससे बचने के लिए अपने आप को गर्मियों में ठंडा रहने के लिए क्या करना चाहिए? चलो  जानिए इस लेख में और फॉलो कीजिये हर जानकारी को। 


 


  प्रकृति के करीब रहें : 


 नदियों, झीलों, झरनों के पास जाएं। डंगार-घाटियों के सुंदर स्थानों में बगीचों का आनंद लें। और कुछ नहीं तो कम से कम घर के बगीचे की देखभाल सुबह-शाम करें। स्वच्छ ताजी हवा में सांस लें। ध्यान और प्राणायाम करें। 



ताजा  भोजन : 



 हल्का, ताजा और जल्दी पचने वाला भोजन करें। भूख से कम खाएं और पानी अधिक पिएं। तरबूज, आम, संतरा, अंगूर, खरबूजा जैसे रसीले फल खाएंगे तो पेट भी भर जाएगा और शरीर की पानी की जरूरत भी पूरी हो जाएगी।



हल्के कपड़े



 हल्के रंग दिन को ठंडा बनाते हैं। इस कारण गर्मियों में ठंडक पाने के लिए हमें हल्के रंग के कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। सूती कपड़े पसीने को बरकरार रखते हैं। इसके लिए इस मौसम में सूती, शिफॉन, जॉर्जेट, क्रेप जैसे पतले और ताजे कपड़े पहनने चाहिए। आसानी से। एक बार इस्तेमाल किए गए कपड़ों को धोकर दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए। 



अधिक पेय पदार्थ पियें:



  पेय पदार्थ गर्मियों की गर्मी को शांत करने में सहायक होते हैं।इसके लिए गर्मियों में ठोस आहार के बजाय तरल पेय यानी माथा का ठंडा पानी, नींबू पानी, नींबू का शरबत, करी पत्ता, फलों का रस, छाछ, लस्सी का अधिक सेवन करें। इससे शरीर फिट रहेगा और ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। 



व्यायाम पर ध्यान दें: 



गर्मी और गर्मी में व्यायाम करना भी शरीर के लिए थका देने वाला होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि प्रयास का भुगतान किया जाना चाहिए। लेकिन अधिक और पसीने वाले व्यायाम के बजाय ध्यान, योग, प्राणायाम करना चाहिए। चाहें तो सुबह-शाम आप चलकर भी व्यायाम पूरा कर सकते हैं। 



आराम भी है जरूरी: 



 सर्दियों में गहरी और लंबी नींद रात में ही आप चलकर भी व्यायाम पूरा कर सकते हैं। आराम भी है जरूरी: सर्दियों में गहरी और लंबी नींद रात में ही पूरी होती है। लेकिन, गर्मियों में स्प्रे पर्याप्त और गाढ़ा नहीं होता है। इससे थकान और अनावश्यक चिड़चिड़ापन होता है। इसके लिए जब जरूरत हो तब आराम करें।





अत्यधिक शारीरिक परिश्रम से बचें:



  गर्मियों के दौरान अत्यधिक शारीरिक परिश्रम से पसीने के रूप में पानी और खनिज पदार्थों का अत्यधिक उत्सर्जन होता है। इससे शरीर में पानी और खनिज लवण की कमी हो जाती है। ऐसे में पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। अपनी शारीरिक क्षमता को याद रखें और अपने शरीर को ठंडा रखने के लिए अत्यधिक परिश्रम से बचें।



धूप से बचाव: 



 धूप में रहने से शरीर का तापमान जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर में पानी भी तेजी से कम होने लगता है। इसके लिए आपको सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में जाने से बचना चाहिए। अगर बहुत ज्यादा जरूरी हो तो शरीर को पूरी तरह से ढककर और कच्चे प्याज के साथ निकलें। टोपी, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करें।





ठंडे खाद्य पदार्थों का उपयोग: 



 प्राकृतिक संतुलन के लिए सभी मौसम अनिवार्य हैं, लेकिन गर्मी के प्रभाव से बचने के लिए अपने आहार में ठंडे खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए, बेला सिरप, करी पत्ता, आंवला और अन्य ठंडे खाद्य पदार्थों का उपयोग करना चाहिए। भोजन में कच्चे प्याज को शामिल करना चाहिए। खाद्य पदार्थों की पहचान ठंडे-गर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी प्रकृति के आधार पर की जानी चाहिए। जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और आइस पैक ठंडे होने के बावजूद शरीर की गर्मी बढ़ाते हैं। 








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